संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के भेद व प्रकार, गुण | Sangya Kise Kahate Hain Sangya ki Paribhasha in Hindi

नमस्कार दोस्तों, हमारा आज का आर्टिकल हिंदी व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय संज्ञा (Sangya) से सम्बन्धित है जहां हमने उदाहरण सहित संज्ञा किसे कहते है ? संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद व प्रकार,गुण What is Sangya in Hindi के बारे में बताया है।

हिंदी व्याकरण में संज्ञा (Sangya) एक ऐसा अध्याय है, जिसकी लगभग व्याकरण के प्रत्येक अध्याय में भुमिका रहती है। इसलिए अगर आप हिंदी व्याकरण में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं तो आपके लिए संज्ञा (Sangya) को सीखना अनिवार्य है।

संज्ञा की परिभाषा, उदाहरण और भेेद से संबंधित 1 से 2 question हमेशा schools के exams व competition exams में पूछे जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारा आज का संज्ञा आर्टिकल है।

संज्ञा किसे कहते हैं (Sangya Kise Kahate Hain) | What is Sangya in Hindi

संज्ञा एक विकारी शब्द है, जिससे किसी व्यक्ति (प्राणी), स्थान, वस्तु, भाव और जीव के नाम का बोध होता है। जैसे – मोर, घोड़ा ,घाट, महात्मा गांधी आदि।

Sangya Kise Kahate Hain

शब्द ( Sangya) का अर्थ

संज्ञा का अर्थ होता है, नाम। यह नाम किसी व्यक्ति (प्राणी), वस्तु, प्राणी, गुण, भाव या स्थान आदि का हो सकता है।

जैसे

  • प्राणियों के नाम – मोर, घोड़ा, अनिल, किरण, जवाहरलाल नेहरू आदि।
  • वस्तुओ के नाम – अनार, रेडियो, किताब, सन्दूक, आदि।
  • स्थानों के नाम – कुतुबमीनार, नगर, भारत, मेरठ आदि।
  • भावों के नाम – वीरता, बुढ़ापा, मिठास आदि।

संज्ञा की परिभाषा (Sangya Definition in Hindi)

किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी, गुण, भाव या स्थान के नाम को संज्ञा (Sangya) कहते हैं।

NOTE संज्ञा शब्द का उपयोग किसी वस्तु, प्राणी, व्यक्ति, गुण, भाव या स्थान के लिए नहीं किया जाता, बल्कि किसी वस्तु, व्यक्ति, प्राणी, गुण, भाव या स्थान के “नाम” के लिए किया जाता है।

उदहारण

  • राम खाना खा रहा है = राम व्यक्ति का नाम है।
  • आम में मिठास है = आम फल का नाम है।
  • घोडा दौड़ रहा है = घोड़ा एक पशु का नाम है।

संज्ञा के भेद व प्रकार

संज्ञा के पाँच भेद होते हैं –

(1) व्यक्तिवाचक (Proper Noun) 

(2) जातिवाचक (Common Noun)

(3) भाववाचक (Abstract Noun)

(4) समूहवाचक (Collective Noun)

(5) द्रव्यवाचक (Material Noun)

व्यक्तिवाचक संज्ञा – Vyakti Vachak Sangya

जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। 

जैसे

  • व्यक्ति का नाम – रवीना, सोनिया गाँधी, श्याम, हरि, सुरेश, सचिन आदि।
  • वस्तु का नाम – कार, टाटा चाय, कुरान, गीता रामायण आदि।
  • स्थान का नाम – ताजमहल, कुतुबमीनार, जयपुर आदि।
  • दिशाओं के नाम – उत्तर, पश्र्चिम, दक्षिण, पूर्व।
  • देशों के नाम – भारत, जापान, अमेरिका, पाकिस्तान, बर्मा।
  • राष्ट्रीय जातियों के नाम – भारतीय, रूसी, अमेरिकी।
  • समुद्रों के नाम – काला सागर, भूमध्य सागर, हिन्द महासागर, प्रशान्त महासागर।
  • नदियों के नाम – गंगा, ब्रह्मपुत्र, बोल्गा, कृष्णा, कावेरी, सिन्धु।
  • पर्वतों के नाम – हिमालय, विन्ध्याचल, अलकनन्दा, कराकोरम।
  • नगरों, चौकों और सड़कों के नाम – वाराणसी, गया, चाँदनी चौक, हरिसन रोड, अशोक मार्ग।
  • पुस्तकों तथा समाचारपत्रों के नाम – रामचरितमानस, ऋग्वेद, धर्मयुग, इण्डियन नेशन, आर्यावर्त।
  • ऐतिहासिक युद्धों और घटनाओं के नाम – पानीपत की पहली लड़ाई, सिपाही-विद्रोह, अक्तूबर-क्रान्ति।
  • दिनों, महीनों के नाम – मई, अक्तूबर, जुलाई, सोमवार, मंगलवार।
  • त्योहारों, उत्सवों के नाम – होली, दीवाली, रक्षाबन्धन, विजयादशमी।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण – Vyaktivaachak Vachak Sangya Ke Udaharan

  • सोहन गाता है।
  • राजेश मेरा मित्र है।
  • विराट कोहली एक बल्लेबाज है।
  • जयपुर में हवामहल है।
  • दिल्ली भारत की राजधानी है।
  • मैं कोलकाता में रहता हूँ।
  • रोहन का कुत्ता मर गया।
  • राकेश की भैंस भाग गई।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर गए।

जातिवाचक संज्ञा – Jativachak Sangya

जिस शब्द से किसी जाति के सभी प्राणियों या प्रदार्थो का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते है।

जैसे

लड़का, पशु-पक्षयों, वस्तु, नदी, मनुष्य, पहाड़ आदि।

  • ‘लड़का’ से राजेश, सतीश, दिनेश आदि सभी ‘लड़कों का बोध होता है।
  • ‘पशु-पक्षयों’ से गाय, घोड़ा, कुत्ता आदि सभी जाति का बोध होता है।
  • ‘वस्तु’ से मकान कुर्सी, पुस्तक, कलम आदि का बोध होता है।
  • ‘नदी’ से गंगा यमुना, कावेरी आदि सभी नदियों का बोध होता है।
  • ‘मनुष्य’ कहने से संसार की मनुष्य-जाति का बोध होता है।
  • ‘पहाड़’ कहने से संसार के सभी पहाड़ों का बोध होता हैं।

जातिवाचक के उदाहरण – Jativachak Sangya Ke Udaharan

  • महिलाएँ शहर जा रही हैं।
  • बिल्ली चूहे का शिकार करती है।
  • पक्षी पेड़ पर रहते हैं।
  • मानव सबसे बुद्धिमान होते हैं।
  • हाथी विशाल जीव है।

भाववाचक संज्ञा – Bhav Vachak Sangya

जिन शब्दों से किसी प्राणी या पदार्थ के गुण, भाव, स्वभाव या अवस्था का बोध होता है, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

जैसे

उत्साह, ईमानदारी, बचपन, आदि।

इन उदाहरणों में ‘उत्साह’ से मन का भाव है। ‘ईमानदारी’ से गुण का बोध होता है। ‘बचपन’ जीवन की एक अवस्था या दशा को बताता है। अतः उत्साह, ईमानदारी, बचपन, आदि शब्द भाववाचक संज्ञाए हैं।

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण – Bhav Vachak Sangya Ke Udaharan

इसके साथ ही थकान, मिठास, बुढ़ापा, गरीबी, आजादी, हँसी, चढ़ाई, साहस, वीरता आदि शब्द भाव, गुण, अवस्था तथा क्रिया का बोध करा रहे हैं। इसलिए ये ‘भाववाचक संज्ञाएँ’ हैं।

समूहवाचक संज्ञा (Samuha Vachak Sangya)

जिस संज्ञा शब्द से वस्तुओं के समूह या समुदाय का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते है।

जैसे

  • व्यक्तियों का समूह – भीड़, जनता, सभा, कक्षा।
  • वस्तुओं का समूह – गुच्छा, कुंज, मण्डल, घौद।

समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण – Samuh Vachak Sangya Ke Udaharan

  • आज गाँव में सभा है।
  • कल संसद में बहुत बहस होगी।
  • हम सभी मेला घुमने गए थे।
  • भीड़ ने दस लोगों को कुचल दिया।
  • भारतीय सेना विश्व की सबसे ताकतवर सेना है।

द्रव्यवाचक संज्ञा (Dravya Vachak Sangya)

जिस संज्ञा से नाप अथवा तौलवाली वस्तु का बोध हो, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है।

सरल शब्दों में – जिन संज्ञा शब्दों से किसी धातु, द्रव या पदार्थ का बोध हो, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है। 

जैसे

ताम्बा, पीतल, घी, तेल, सोना, लोहा आदि।

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण – Dravya Vachak Sangya Ke Udaharan

  • राजेश को पानी पीना है।
  • आजकल पीतल बहुत महँगा हो गया है।
  • गाय का दूध मीठा होता है।
  • ऑक्सीजन जीवन के लिए ज़रूरी है।
  • लोहे में जंग लग गई।

संज्ञा से अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Sangya FAQ

संज्ञा के कितने भेद होते हैं with examples?

संज्ञा के पांच भेद हैं –
1. व्यक्तिवाचक (proper noun) – राम, दिल्ली।
2. जातिवाचक (common noun) – बालक, पुस्तक।
3. भाववाचक (abstract noun) – उत्साह, ईमानदारी।
4. समूहवाचक (collective noun) – भीड़, गुच्छा।
5. द्रव्यवाचक (material noun) – तांबा, पीतल

सुंदरता में कौन सी संज्ञा है?

सुंदरता शब्द से किसी भाव, अवस्था, गुण, दोष, दशा आदि का बोध हो रहा है, अतः सुंदरता शब्द भाववाचक संज्ञा है।

उदाहरण के लिए संज्ञा क्या है?

किसी प्राणी, वस्तु ,स्थान ,भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे – राम , लखनऊ, आम , मिठास, गाय आदि।

संज्ञा क्या है और उसके भेद?

किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे – पशु (जाति), सुन्दरता (गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)।

संज्ञा के पांच भेद कौन कौन से होते हैं?

1. व्यक्तिवाचक (Proper Noun)
2. जातिवाचक (Common Noun)
3. भाववाचक (Abstract Noun)
4. समूहवाचक (Collective Noun)
5. द्रव्यवाचक (Material Noun)

संज्ञा से क्या आशय है?

संज्ञा से आशय ‘नाम’ से है। किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी, गुण, भाव या स्थान के नाम को संज्ञा (Sangya) कहते हैं। जैसे – मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), पशु (जाति), व्यथा (भाव) आदि।

आज आपने क्या सीखा?

हमारा आज का आर्टिकल संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के भेद व प्रकार, गुण | Sangya Kise Kahate Hain Sangya ki Paribhasha in Hindi से संबंधित था।

जहां हमने उदाहरण सहित संज्ञा किसे कहते है ?, संज्ञा की परिभाषा, संज्ञा के भेद, What is Sangya in Hindi, संज्ञा की परिभाषा और संज्ञा के भेद व प्रकार, गुण Sangya Kise Kahate Hain Sangya ki Paribhasha in hindi (Sangya ke Bhed) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है।

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