समाचार पत्र पर निबंध | Samachar patra ka mahatva essay in Hindi

नमस्कार दोस्तों, निबंध लेखन की इस कड़ी में हम आज समाचार पत्र पर निबंध | Samachar patra ka mahatva essay in Hindi लेकर आए हैं।

अगर आप Newspaper Essay In Hindi लिखने के लिए किसी अच्छे आर्टिकल की तलाश कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह हैं।

हमारा आज का लेख समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay In Hindi) विद्यार्थियों के लिए काफ़ी उपयोगी है।

आज के आर्टिकल में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में Headings के साथ Samachar Patra ka mahatva essay in Hindi के बारे में बताएंगे।

आइए बिना देर किए हुए, समाचार पत्र पर निबंध लिखने की शुरुआत करते हैं।

Table of Contents

Samachar Patra ka Mahatva Essay in Hindi

प्रस्तावना | Newspaper Introduction

समाचार पत्र एक ऐसा माध्यम है जो संसार के किसी भी कोने में घटित घटना की खबर को अगले दिन हमारे पास पहुंचा देता है। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि समाचार पत्र हमारे सुबह की पहली जरूरत है। वर्तमान समय में ऐसे बहुत से लोग हैं जो समाचार पत्र पढे बिना सुबह की चाय पीना भी पसंद नहीं करते।

समाचार पत्र हमें पूरे विश्व में घटित हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देकर हमें वर्तमान समय से जुड़े रखने में मदद करता है। समाचार पत्र के द्वारा हमें घर बैठे देश विदेश की खबरें जैसे व्यापारिक मुद्दों, राजनितिक मुद्दों, सामाजिक मुद्दों, खेल, अन्तरराष्ट्रीय समाचार, विज्ञान, शिक्षा, दवाइयों, अभिनेताओं, मेलों, त्योहारों, तकनीकों आदि की जानकारी मिलती है। समाचार पत्र हमारे ज्ञान कौशल को बढ़ाता है और साथ ही हमारी तकनीकी जागरूकता को बढ़ाने में भी सहायता करता है।

समाचार पत्र  का इतिहास | History of  Newspaper in Hindi

समाचार पत्रों का इतिहास बहुत ही प्राचीन है। इसकी शुरुआत सबसे पहले कोलकाता मे हुई थी। बता दें, सबसे पहला समाचार पत्र बंगाल में वाइसराय हिक्की द्वारा “बंगाल गज़ट” नाम से शुरू किया गया था। बंगाल गज़ट भारत में प्रकाशित होने वाला पहला अंग्रेज़ी भाषा का समाचार पत्र था। हालाँकि इसके पहले भी कई पन्नेनुमा पत्रों का इस्तेमाल सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए किया जाता था। परंतु बंगाल गज़ट ही पहला अखबार था।

प्रारंभ में अखबार अग्रेज़ी भाषा में होते थे, जिस वजह से यह जनसमान्य के लिए उपयोगी नहीं थें। सन् 1826 में जनसमान्य के उपयोग के लिए सबसे पहला हिन्दी समाचार पत्र प्रकाशित किया गया। जिसका नाम “उदंम मार्तड” था। यह एक साप्ताहिक अखबार था, परंतु इसे 1827 में ही दबाव के चलते बंद कर दिया गया था। इसके बाद अंग्रेज़ो के विरुद्ध में संघर्ष करते हुये कई हिन्दी समाचार पत्र जैसे – बंगालदूत, समाचार सुधा वर्षण, केसरी, वंदे मातरम आदि समाचार पत्रों का संपादन किया गया।

History of  Newspaper in Hindi

समाचार पत्रों के प्रकार | Types of newspapers in Hindi

पहले समाचार पत्र एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित था, परंतु नित होने वाले नए नए आविष्कारों के कारण छपाई कला में भी दक्षता आई है। वर्तमान समय में ऐसी कई मशीने हैं जिसकी सहायता से चंद घंटों में ही समाचार पत्र की हजारो की संख्या में प्रतियाँ तैयार हो जाती है। ऐसे में न्यूज एजेंसियां अपनी सुविधानुसार समाचार पत्र का प्रकाशन करती हैं –

दैनिक समाचार पत्र यह समाचार पत्र नियमित रूप से प्रकाशित किया जाता है। वे लोग जो रोजना ताज़ा खबरें पढ़ना पसंद करते हैं, उनके लिए ये समाचार पत्र काफ़ी उपयोगी होता है।

साप्ताहिक समाचार पत्र इस समाचार पत्र को सप्ताह में एक बार प्रकाशित किया जाता है। इस समाचार पत्र में साप्ताहिक मुख्य खबरें तथा जानकारियां छापी जाती हैं।

अर्धमासिक / पाक्षिक समाचार पत्र यह समाचार पत्र 15 दिन में एक बार प्रकाशित किया जाता है।

मासिक समाचार पत्र यह न्यूज पेपर एक महीने में एक बार प्रकाशित होता है।

अर्धवार्षिक / छह मासिक समाचार पत्र यह न्यूज पेपर 6 महीने में प्रकाशित किया जाता है।

वार्षिक समाचार पत्रयह समाचार पत्र एक वर्ष में एक बार छपता है और इसमें पूरे वर्ष की मुख्य खबरें, घटनाएं और विज्ञापन इत्यादि का प्रकाशन किया जाता है।

ई पेपर वर्तमान समय में ई पेपर पढ़ना लगभग सभी को पसंद होता है। कई बार समय ना होने की वजह से हम न्यूज पेपर नहीं पढ़ पाते हैं, इसलिए आजकल ज्यादातर न्यूज एजेंसियां ई न्यूज उपलब्ध करवा रही हैं। जिसमें आप जहां कहीं पर भी हों वहां अपनी सुविधानुसार मोबाइल अथवा कंप्यूटर में ऑनलाइन फ्री में अख़बार पढ़ सकते हैं।

समाचार पत्रों की उपयोगिता / लाभ | Benefits and use of Newspaper

वर्तमान समय में समाचार पत्रों की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। समाचार पत्रों की उपयोगिता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग है –

देश विदेश की जानकारी

समाचार पत्र एक ऐसा माध्यम है जो हमें रोजाना देश-विदेश के कोने में क्या घटित हो रहा है इससे रूबरू कराता है।

सरकारी योजनाओ की जानकारी

चाहे किसी प्रकार की कोई सरकारी योजना हो या फिर चाहे किसी योजना में कोई परिवर्तन किए गए हो या कुछ नया लॉंच किया गया हो इन सबकी जानकारी के लिए आपको कहीं भी भटकने की जरूरत नहीं है समाचार पत्र में आपको सभी उपलब्ध मिल जाती हैं।

मनोरंजन का साधन

वर्तमान समय में समाचार पत्रों में न्यूज़ देने के साथ साथ मनोरंजन के लिए भी कई चीजे उपल्ब्ध होती हैं। समाचार पत्रों में मनोरंजन के लिए हॉलिवुड एवं बॉलीवुड, कहाँनियाँ दी होती हैं। इसके अलावा वर्तमान समय में कई न्यूज़ एजेंसी अखबार के साथ-साथ छोटी प्रतियाँ भी देते हैं, जो मनोरंजन का साधन बनती है।

बच्चों के लिए उपयोगी

वर्तमान समय की न्यूज़ पेपर में आपको अपने बच्चों के लिए भी कई उपयोगी चीजें देखने को मिल जाएंगी।

खेल को अलग पहचान देना

अगर आपकी रूचि खेल में है तो आप घर बैठे ही किस क्षेत्र में किसने क्या उपलब्धि हासिल की है इसकी खबर न्यूज़ पेपर के माध्यम से जान सकते हैं। कोई भी खेल हो चाहे वो क्रिकेट हो या फिर टेनिस आप उससे जुड़ी हर खबर को न्यूज़ पेपर के द्वारा तुरंत हासिल हो जाती है।

विज्ञापन के जरिये चिजों की जानकारी

समाचार पत्रों मे प्रकाशित विज्ञापन के जरिये आप घर बैठे ही जॉब, वैवाहिकी जैसी कई जानकारी हासिल कर सकते हैं। आजकल कोई भी नयी वस्तु लेनी हो चाहे वो मोबाइल हो या कार या किचिन से संबंधित कोई चीज उसका विज्ञापन आपको समाचार पत्रों में तुरंत देखने मिल जाएगा और साथ ही आपको उसकी कीमत की भी जानकारी मिल जाती है।

समाचार पत्र संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Newspaper FAQ in Hindi

भारत में पहला समाचार पत्र किस वर्ष शुरू किया गया?

भारत में पहला समाचार पत्र 1816 में शुरू किया गया।

पहला भारतीय समाचार पत्र किस भाषा में था?

पहला भारतीय समाचार पत्र अंग्रेजी में भाषा में था।

समाचार पत्रों के वाचन से क्या लाभ होता हैं अपनी हिंदी की नोटबुक में पाँच वाक्य लिखिए?

समाचार पत्रों के वाचन से आप घर बैठे देश विदेश की खबरें हासिल कर सकते हैं। अगर आप एक व्यापारी हैं तो बता दें, समाचार पत्रों के वाचन से आपको व्यापारिक मुद्दों की जानकारी हासिल होगी।
निकट भविष्य में कौन से आयोजन किस तिथि को और कहाँ पर हो रहे हैं आदि की संपूर्ण जानकारी आपको समाचार-पत्रों के माध्यम से हासिल हो सकती है।

इसके साथ ही समाचार-पत्रों के माध्यम से आप राजनितिक मुद्दों, सामाजिक मुद्दों, खेल, अन्तरराष्ट्रीय समाचार, विज्ञान, शिक्षा, दवाइयों, अभिनेताओं, मेलों, त्योहारों, तकनीकों आदि की जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप खेल जगत की भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

समाचार पत्र की उपयोगिता लिखिए क्या आज के इंटरनेट युग में इसका महत्व पहले जितना है अपने विचार दीजिए?

वर्तमान समय में समाचार पत्र की उपयोगिता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। समाचार पत्र एक ऐसा सरल माध्यम है जिसके द्वारा आप घर बैठे ही विश्व के किसी भी कोने में घटित घटनाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

शिक्षा में समाचार पत्र का क्या उपयोग है?

शिक्षा में समाचार पत्र का उपयोग – वर्तमान समय में समाचार पत्र केवल समाचारों का ही प्रसारण नहीं करते हैं अपितु वह विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञानवर्धक जानकारी भी प्रदान करते हैं। नियमित रूप से समाचारों को पढने से आपको इतिहास, भूगोल, राजनीति, साहित्य, विज्ञान और मानवदर्शन का ज्ञान आसानी से हासिल हो जाता है।

समाचार पत्र क्या होते हैं?

समाचार पत्र समाचारों पर आधारित एक प्रकाशन है, जिसमें मुख्यत: सामयिक घटनायें, राजनीति घटनायें, खेल-कूद, व्यक्तित्व, विज्ञापन इत्यादि जानकारियां कागज पर छपी होती हैं।

समाचार पत्र की क्या विशेषता है?

समाचार पत्र की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह हमे पूरे विश्व में घटित हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देकर हमें वर्तमान समय से जुड़े रखने में मदद करता है।

आज आपने क्या सीखा?

हमारा आज का आर्टिकल समाचार पत्र पर निबंध | Samachar patra ka mahatva essay in Hindi से संबंधित था।

जहां हमने समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay In Hindi), समाचार पत्र  का इतिहास, समाचार पत्रों के प्रकार, समाचार पत्रों की उपयोगिता आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है।

हमें उम्मीद है कि हमारा आज का आर्टिकल समाचार पत्र पर निबंध आपके लिए उपयोगी साबित होगा। यदि हमारे आर्टिकल से आपको लाभ हुआ हो तो इसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करें। धन्यवाद!

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