OTP Full Form in Hindi (One Time Password)


नमस्कार दोस्तों, अगर आप डिजिटली खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इस में ओटीपी One Time Password (OTP) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। OTP Full Form


हमारा आज का article OTP जिसे One Time Password भी कहा जाता है, से सम्बन्धित है। जहां हम आपको OTP ka full form, OTP kya hai, OTP kyo jaruri hai, OTP कैसे काम करता है आदि से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी देगें। अगर आप ओटीपी से संबंधित जानकारी की तलाश कर रहे हैं तो हमारे आज का आर्टिकल आपके लिए बेहद कारगर साबित होगा।


ओटीपी का फुल फॉर्म क्या है ? | OTP information in Hindi


OTP Full Form in English


O – One


T – Time


P – Password


इस तरह OTP का फुल फॉर्म “One Time Password” होता है।


OTP (One Time Password) full form Hindi | OTP Meaning In Hindi


OTP full form हिंदी में “एक बार इस्तेमाल किया जाने वाला पासवर्ड” होता है।


OTP क्या है | ओटीपी क्या है?


OTP यानी One Time Password, सिक्योरिटी कोड का ही एक प्रकार होता है जो कि केवल एक बार ही प्रयोग किया जा सकता है। आप इसे सीक्रेट कोड भी कह सकते हैं। इसका इस्तेमाल केवल एक बार ही Login, Transaction या Verification के लिए किया जा सकता है।


दूसरे शब्दों में, जब भी आप Internet Banking की सहायता से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसे Online Shopping, Mobile का रिचार्ज इत्यादि करते हैं उस वक्त सभी information भरने के बाद अंत में आपके पंजीकृत मोबाइल number पर एक कोड आता है, जिसे हम “ओटीपी” कहते हैं।


सरल शब्दों में, OTP एक ऐसा पासवर्ड होता है जिसे आप ऑनलाइन लेन-देन करने के दौरान केवल एक बार ही यूज कर सकते हैं।


ओटीपी कितने अंक का होता है?


OTP 4 या 6 अंक का हो सकता है।


ओटीपी कैसा होता है?


ओटीपी letters या numbers या फिर letters और numbers दोनों का मिलाजुला रूप हो सकता है। आमतौर पर बैंकिंग ट्रांजैक्शन के दौरान हमे जो ओटीपी प्राप्त होता है, वह अंक ही होता है।

Read This Also,
DG Full Form in Hindi

PSI full form

ओटीपी (OTP) कहां – कहां इस्तेमाल होता है?


आज किसी भी तरह का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के लिए OTP की जरूरत होती है। जैसे –


ऑनलाइन शॉपिंग करते समय

ऑनलाइन किसी भी सर्विस का लाभ उठाते समय

बैंकिंग ट्रांजैक्शन के समय

सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर अपना अकाउंट create करते समय


OTP के प्रकार | OTP कैसे प्राप्त किया जा सकता है?


आप अपनी ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म पर अलग अलग तरीके से ओटीपी प्राप्त कर सकते हैं।


OTP मुख्यत: तीन प्रकार की होती है –


SMS


ज्यादातर मामलों में SMS OTP का ही इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि SMS के जरिए आने वाला OTP सबसे लोकप्रिय व आसान होता है।


Voice Calling


कुछ मामलों में आपके मोबाइल पर कॉल करके आपको ओटीपी बताया जाता है। इस option का इस्तेमाल आप Facebook या WhatsApp पर account create करते समय कर सकते हैं।


Email


Email के जरिए भी ओटीपी आता है। इस दौरान OTP आपके mail id पर भेजी जाती है।


OTP कैसे काम करता है?


OTP एक ऐसा Code होता है, जो System द्वारा Automatic generate होता है। यह बहुत ही Secure होता है और प्रत्येक यूजर के अलग Generate किया जाता है।


OTP कोड Hashed Message Authentication Code Algorithm की निगरानी में generate होता है।


अगर आप किसी भी प्रकार का कोई Banking Transaction करते हैं, तो उस दौरान आपके पास जो OTP आता है, तो उसके बारे सिर्फ आपको ही पता होता है क्योंकि वह आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आता है।


OTP आने के बाद जब आप उसको सिस्टम में डालते हैं, तो सिस्टम उसको जनरेट किये हुए पासवर्ड के साथ match करता है, जिसके बाद Payment Successful हो जाती है।


ओटीपी के फायदे?


OTP की सबसे बड़ी खासियत कहें या फिर फायदा ये किसी भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस को सेक्युरीली पूरा करने में बहुत मददगार साबित होता है।


दरअसल, OTP में जो code generate होता है उसका इस्तेमाल केवल एक ही बार किया जाता है और वो भी सिर्फ कुछ समय के लिए ही valid रहता है और यही इसे सबसे सुरक्षित बनाता है। अगर आप उस समय सीमा के अन्दर उस code का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो फिर वो code हमारे किसी काम का नहीं रह जाता है।


ओटीपी ऑनलाइन होने वाले फ्रॉड से बचाता है। जब भी आप अपना क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड कहीं स्वाइप अप करते हैं तो कई धोखेबाज उसे चालाकी से कॉपी करके सारी डिटेल्स हासिल कर लेते हैं, लेकिन ओटीपी के कारण वे किसी भी तरह का कोई ट्रांज़ैक्शन नहीं कर पाते हैं।


क्योंकि किसी भी online ट्रांज़ैक्शन के last step में आपके रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल आईडी पर otp डिलीवर होता है। जब तक यूजर इसे किसी को इनफॉर्म नहीं करेगा तब तक सामने वाला person किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएगा।


ओटीपी किसी के साथ शेयर क्यों नहीं करना चाहिए?


आपने अगर गौर किया होगा तो देखा होगा कि अक्सर आपके बैंक द्वारा या दूसरे सर्विस प्रोवाइडर द्वारा आपको अपना ओटीपी किसी के भी साथ share नही करने की सलाह दी जाती है, फिर चाहें वह कोई व्यक्ति है, या फिर आपका बैंक का ही क्यों ना हो।


इसके पीछे एक विशेष वजह होती है, दरअसल, ओटीपी किसी भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (लेन-देन) के लास्ट स्टेप द्वारा आपकों send किया जाता है।

Leave a Comment