Hindi Essay On Christmas | क्रिसमस पर निबंध

नमस्कार दोस्तों, निबंध लेखन की इस कड़ी में आज हम Hindi Essay On Christmas | क्रिसमस पर निबंध लेकर आए हैं।

अगर आप हिंदी में क्रिसमस डे पर निबंध कैसे लिखा जाए के लिए किसी अच्छे आर्टिकल की तलाश कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह हैं। आमतौर पर स्कूलों में क्रिसमस डे पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में हमारा आज का लेख क्रिसमस पर निबंध (Hindi Essay on Christmas) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

आज के आर्टिकल में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में Headings के साथ essay of christmas in hindi | क्रिसमस पर निबंध लिखना सिखाएंगे।

आइए बिना देर किए हुए, क्रिसमस पर निबंध लिखने की शुरुआत करते हैं।

Hindi Essay On Christmas | क्रिसमस पर निबंध

प्रस्तावना | Christmas introduction

क्रिसमस ईसाइयों का प्रमुख त्योहार है। क्रिसमस का त्यौहार ईसा मसीह या यीशु मसीहा की जयंती पर मनाए जाने वाला पर्व है। यीशु मसीह का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था। इसलिए, क्रिसमस प्रति वर्ष 25 दिसंबर को सम्पूर्ण विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन को बड़ा दिन के भी नाम से जाना जाता हैं।

क्रिसमस मनाने की कथा | Christmas Kyu Manaya Jata hai | Christmas day story in Hindi

ईसाई धर्मग्रंथ बाइबिल के अनुसार ईसा मसीह का जन्म (Birth of Jesus) माता मरियम के गर्भ से हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि एक रात मरियम के पास स्वर्गदूत आए और उन्होंने कहा कि जल्द ही आपकी एक संतान होगी। तुम उस बच्चे का नाम जीसस (Jesus) रखना। स्वर्गदूत ने मरियम को यह भी कहा कि जीसस बड़ा होकर राजा बनेगा जो इस संसार के लोगों के कष्टों को दूर करने का मार्ग बतलाएगा।

कुछ दिनों के बाद माता मारियम की यूसुफ से शादी हो गई थी। शादी के बाद दोनों यहूदिया प्रांत के बेथलेहेम नामक जगह रहने लगे। यहीं पर एक रात अस्तबल में ईसा मसीह का जन्म हुआ। कहा जाता है कि इसी दिन आकाश में एक तारा बहुत ज्यादा चमक रहा था, जिससे लोगो को इस बात का अनुभव हो गया था कि रोम के शासन से बचने के लिए उनके मसीहा ने जन्म ले लिया है। ईसा मसीह के जन्मोत्सव को ही लोग आज भी क्रिसमस के रूप में मनाते हैं।

ईसा मसीह एक ऐसे व्यक्ति थें जिन्होंने दुनिया को एकता और भाईचारे की सीख दी। ईसा मसीह ने क्षमा करने और क्षमा मांगने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों को भगवान के करीब जाने का मार्ग बतलाया। वे इतने दयावान थें कि उन्होंने अपने हत्यारे तक को माफ कर दिया था।

क्रिसमस का इतिहास | सबसे पहले कब मनाया गया क्रिसमस? | History of Christmas in Hindi

वैसे आपको बता दें, बाइबल में जीसस की कोई जन्म तिथि नहीं दी गई है, लेकिन फिर भी 25 दिसंबर को ही हर साल क्रिसमस मनाया जाता है।

क्रिसमस का पर्व पहली बार रोम में 336 ईस्वी में 25 दिसंबर को मनाया गया था।

इसके कुछ सालों बाद ही 25 दिसंबर को पोप जुलियस ने आधिकारिक तौर पर जीसस के जन्म मनाने का ऐलान किया। बस तभी से इस पर्व को 25 दिसंबर को मनाया जाने लगा।

Santa Claus कौन हैं?

ऐसी मान्यता है कि संत निकोलस ही सांता क्लॉज़ हैं। जीसस की मौत के 280 साल बाद मायरा में संत निकोलस का जन्म हुआ था। संत निकोलस के माता-पिता का देहांत निकोलस के बचपन में हो गया था, जिसके बाद निकोलस को सिर्फ भगवान जीसस पर यकीन था। 17 साल की उम्र में निकोलस पादरी बन गए। उन्हें लोगों की मदद करना बेहद पसंद था। वे अक्‍सर गरीब बच्चों और लोगों को तोहफे दिया करते थें। उनकी मौत के बाद लोगों ये मानने लगें कि सांता क्लॉज़ क्रिसमस पर आधी रात को बच्‍चों को तोहफे देने आते हैं।

क्रिसमस सेलिब्रेशन कैसे करें?

ईसाई समुदाय के लिए क्रिसमस का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है, लोग इसकी तैयारी एक सप्ताह पहले ही शुरू कर देते हैं।

क्रिसमस की पूर्व संध्या पर लोग भगवान इशु के गीत गाते हैं और चर्च में जाकर प्रार्थना भी करते हैं। इस दिन लोग सांता क्लॉज़ का रूप धारण करके अपने बच्चों को गिफ्ट्स देते हैं।

क्रिसमस कैसे बनाते हैं?

क्रिसमस एक धार्मिक पर्व है लेकिन आज यह सामाजिक पर्व भी बन गया है। आज गैर ईसाई लोग भी इसे एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप मे मनाते हैं। इस अवसर सभी सरकारी संस्थान (जैसे – स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, प्रशिक्षण केन्द्र आदि) तथा गैर-सरकारी संस्थान बंद रहता है।

इस दौरान लोग अपने पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदार और पड़ोसियों को मिठाई, चौकोलेट, ग्रीटींग कार्ड, क्रिसमस पेड़, सजावटी वस्तुएँ आदि देते हैं।

क्रिसमस के अगले दिन यानि 26 दिसम्बर को ब्रिटेन और अन्य राष्ट्रमंडल देशों में बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। वहीं कुछ कैथोलिक देशों में इस दिन को सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस डे के रुप में भी बनाया जाता है।

Christmas से अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Christmas FAQ

क्रिसमस डे को हिंदी में क्या कहते हैं?

क्रिसमस डे को हिंदी में बड़ा दिन कहा जाता है। ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाया जाता है। इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व मे अवकाश रहता है।

क्रिसमस डे कैसे मनाया जाता है दिखाइए?

ईसाई समुदाय के लोग क्रिसमस को बड़ी धूमधाम के साथ मनाते हैं। इस दिन घरों में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। इस दिन लोग सांता क्लॉज़ का रूप धारण करके अपने बच्चों को गिफ्ट्स देते हैं। कई जगह तो क्रिसमस के दिन झांकियां भी निकाली जाती हैं।

गर्मी में क्रिसमस का पर्व कहाँ मनाया जाता है?

गर्मी में क्रिसमस का पर्व ऑस्ट्रेलिया में मनाया जाता है। इसकी वजह यह है कि पृथ्वी पर जब उत्तरी ध्रुव में ठण्ड होती है ताे उस समय सूर्य दक्षिणायण हो जाता है और दिसम्बर के महीने में ऑस्ट्रेलिया में गर्मी का मौसम होता है, जिस वजह से ऑस्ट्रेलिया में गर्मी में क्रिसमस का पर्व मनाया जाता है।

क्रिसमस ट्री का पौधा कैसे लगाते हैं?

क्रिसमस ट्री का पौधा लगाने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है। आप बालुई मिट्टी और नमी होल्ड करने वाली मिट्टी का इस्तेमाल करके इसे लगा सकते हैं। हफ्ते में एक बार पानी डालना इस तरह के पौधों के लिए उपयुक्त है। जब वहीं क्रिसमस ट्री की पत्तियों का कलर हरे से पीले कलर में change होने लगे तो आप समझ जाएं कि आप का पौधा स्वस्थ है।

मैरी क्रिसमस का मतलब क्या होता है?

मैरी क्रिसमस में मैरी शब्द का अर्थ ज्यादा भावनात्मक खुशी से है। यहां ‘मैरी’ का एक अर्थ खुशी से नाचने जैसा भाव भी शामिल है।

क्रिसमस ट्री का क्या महत्व है?

क्रिसमस ट्री का महत्व अति विशेष है, इसकी तुलना लोग जीवन की निरंतरता से करते हैं। लोगों का विश्वास था कि क्रिसमस ट्री को घरों में सजाने से बुरी आत्माएं दूर रहती हैं। आधुनिक क्रिसमस ट्री की शुरुआत पश्चिम जर्मनी में हुई है।

क्रिसमस का इंग्लिश क्या होता है?

क्रिसमस (krisamasa) का इंग्लिश है – Christmas

आज आपने क्या सीखा?

हमारा आज का आर्टिकल Christmas Essay In Hindi | क्रिसमस पर निबंध से संबंधित था।

जहां हमने Christmas Kyu Manaya Jata hai, क्रिसमस का इतिहास, Santa Claus कौन हैं?, क्रिसमस सेलिब्रेशन कैसे करें? आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है।

हमें उम्मीद है कि हमारा आज का आर्टिकल (Christmas Essay In Hindi | क्रिसमस पर निबंध) आपके लिए उपयोगी साबित होगा। यदि हमारे आर्टिकल से आपको लाभ हुआ हो तो इसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जरूर शेयर करें। ताकि अन्य लोग भी इसका लाभ उठा सकें। धन्यवाद!

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