Essay on Women Empowerment in Hindi | नारी सशक्तिकरण पर निबंध

नमस्कार दोस्तों, निबंध लेखन की इस कड़ी में हम आज Essay on Women Empowerment in Hindi | नारी सशक्तिकरण पर निबंध लेकर आए हैं। जहां हम महिला सशक्तिकरण का अर्थ, भारत में महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता, महिला सशक्तिकरण के लाभ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे।

आइए बिना देर किए हुए, हिंदी में महिला सशक्तिकरण पर निबंध की शुरुआत करते हैं।

हिंदी में महिला सशक्तिकरण पर निबंध | Women empowerment essay in Hindi (NARI SASHAKTIKARAN ESSAY IN HINDI)

प्रस्तावना | introduction

महिला सशक्तिकरण एक मुहिम है, जिसका उद्देश्य संसार भर की महिलाओं को सशक्त बनाने से है। यहां सशक्त बनाने का तात्पर्य अधिकारों और शक्तियों से है। ताकि महिलाएं अपने जीवन से जुड़े सभी निर्णय स्वयं ले सके।

आदिकाल में हमारे भारतीय समाज में महिलाओं को एक उच्च स्थान प्राप्त था। समाज में नारी को कभी एक बेटी के रूप में, कभी पत्नी के रूप में, तो कभी मां के रूप में इस विश्व का सृजनकर्ता माना जाता था।

हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी महिलाओं के सम्मान में “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते तत्र रमंते देवता” लिखा हुआ है। जिसका अर्थ है, जहां नारी को पूजा जाता है वहां देवता निवास करते हैं।

लेकिन जैसे जैसे मानव समाज विकसित होता गया, समाज में महिलाओं की स्थिती बद से बत्तर होती चली गई।

यही वजह है कि आज समाज में महिला सशक्तिकरण (WOMEN EMPOWERMENT) की अवश्यकता पड़ रही है।

किसी भी समाज को जागृत करने के लिए वहां की महिला का जागृत होना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि जब महिला जागृत होती है तो एक परिवार आगे बढ़ता है, एक गांव आगे बढ़ता है तथा राष्ट्र विकास की ओर बढ़ता है।

महिला सशक्तिकरण का अर्थ | Meaning of women empowerment

महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को उनकी शक्ति और उनके अधिकार के प्रति जागरूक करने से है।

सरल शब्दों में समझा जाए, महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना ही महिला सशक्तिकरण है।

ताकि प्रत्येक महिला को पुरूषों के समान रोजगार, शिक्षा, आर्थिक तरक्की के मौके मिल सके, जिससे वह सामाजिक स्वतंत्रता और तरक्की प्राप्त कर सके।

महिला सशक्तिकरण दिवस कब मनाया जाता है?

किसी भी समाज, राष्ट्र और देश का विकास तभी संभव है, जब  वहां की महिला जागृत होंगी।इसलिए महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागृत करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है।

भारत में महिला सशक्तिकरण का महत्व क्या है? What Is the Importance of Women Empowerment in India?

महिला सशक्तिकरण भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। आज भले देश की महिलाएं ऊंचे पदों पर आसीन हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो में आज भी महिलाएं सामाजिक बन्धनों में जकड़ी हुई हैं। उन्हें घर से बाहर निकलने की मनाही है। उन्हें अपने अधिकारों से वंचित रखा जाता है।

हमारे देश में लैंगिकता के आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव किया जाता है। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र या फिर रोजगार का महिलाओं का पुरुषों से कम आंकलन किया जाता है। यही कारण हैं की हमे हमारे देश में महिला सशक्तिकरण की जरूरत होती हैं।

जब हमारे देश की महिला सशक्त बनेंगी और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी तभी हमारे देश का विकास होगा। आज हमारा भारत विकासशील देशों के लिस्ट में शामिल है लेकिन जब देश की महिलाएं सशक्त होंगी, तब वह दिन भी दूर नहीं होगा जब हमारा भारत विकसित देशों के लिस्ट में गिना जाएगा।

महिला सशक्तिकरण को बढ़वा कैसे दें? How to Promote Women Empowerment in Hindi?

भारत में महिलाओं को सशक्त बनाने में सबसे बड़ी रुकावट समाज में फैली कुरीतियां हैं।

दहेज प्रथा, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, यौन हिंसा, अशिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या, असमानता, बाल मजदूरी, यौन शोषण, वेश्यावृत्ति आदि ऐसी कुरीतियां हैं, जो समाज में महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने देती। इसलिए, सबसे पहले समाज में महिलाओं के अधिकारों और मूल्यों का हनन करने वाली इन कुरीतियों को समाप्त करना होगा।

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की भूमिका – Role of the government in implementation of women empowerment in India

महिला सशक्तिकरण के लिए भारत सरकार द्वारा कई सारी योजनाएँ (जैसे – मनरेगा, सर्व शिक्षा अभियान, जननी सुरक्षा योजना) चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का गठन भारतीय महिलाओं की स्थिती में सुधार करने के उद्देश्य से किया गया है। ताकि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाया जा सके। महिलाओं को पुरुषों की ही तरह प्रत्येक अवसर का लाभ प्राप्त हो।

महिला एंव बाल विकास कल्याण मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा भारतीय महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जाने वाली प्रमुख योजनाएं –

बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना

सरकार द्वारा कन्या भ्रूण हत्या और कन्या शिक्षा को ध्यान में रखकर बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना को बनाया गया है।

महिला हेल्पलाइन योजना

यह योजना पूरे देश भर में महिलाओं को 24 घंटे इमरजेंसी सहायता सेवा प्रदान करता है। महिलाएं अपने विरुद्ध होने वाली किसी तरह की भी हिंसा या अपराध की शिकायत 181 नंबर को डायल करके दर्ज करा सकती हैं। 

उज्जवला योजना

1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली 5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए।

स्वाधार घर योजना

साल 2001-02 में स्वाधार घर योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा चलाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य वेश्यावृत्ति से मुक्त महिलाओं, रिहा कैदी महिलाओं, विधवाओं, मानसिक रूप से विकलांग और बेसहारा महिलाओं के फिर से बसाने की व्यवस्था करना है।

सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम फॉर वूमेन

इस योजना के अंतर्गत महिलाओं के कौशल को निखारने का कार्य किया जाता है ताकि उन्हें भी रोजगार मिल सके या फिर वह स्वंय का रोजगार की शुरुआत कर सके।

पंचायाती राज योजना आरक्षण

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सामाजिक स्तर को सुधारने का प्रयास से भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2009 में पंचायती राज संस्थानों में 50 फीसदी महिला आरक्षण की घोषणा की। जिससे अत्यधिक मात्रा में महिलाएं ग्राम पंचायत अध्यक्ष चुनी गई।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संसद द्वारा पास किए गए अधिनियम

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संसद द्वारा पास किए गए कुछ प्रमुख अधिनियम –

  • लिंग परीक्षण तकनीक एक्ट 1994
  • अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम 1956
  • दहेज रोक अधिनियम 1961
  • एक बराबर पारिश्रमिक एक्ट 1976
  • मेडिकल टर्म्नेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1987
  • बाल विवाह रोकथाम एक्ट 2006
  • कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन शोषण एक्ट 2013

महिला सशक्तिकरण के लाभ | Advantages of women empowerment in Hindi

  • आज देश में नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनेक प्रयास किए जा रहे हैं जिससे देश की महिलाएं जागरूक हो रही हैं।
  • महिला सशक्तिकरण के कारण महिलाओं की जिंदगी में अत्यधिक बदलाव हुए, अब वह हर कार्य में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।
  • आज की महिला पुरुषों से किसी भी मामले में कम नहीं हैं। वह बड़े से बड़े कार्य क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं। महिलाएं आज के समय में अपनी योग्यता हर क्षेत्र में साबित कर रही हैं। फिर चाहे वह क्षेत्र मजदूरी का हो या फिर अंतरिक्ष में जाने का।
  • पहले जहां महिलाएं अपने फैसले लेने के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थी वह अब खुद अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले खुद कर रही हैं। अब महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
  • पहले जहां महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता था वही अब महिलाएं खुद अपने हक के लिए लड़ने लगी हैं।
  • अब समाज में पुरुष भी महिलाओं का व उनके फैसलों का सम्मान करने लगे हैं।

उपसंहार | conclusion

महिला सशक्तिकरण महिलाओं को उनके हक के लिए आवाज उठाने व लड़ने में मदद करता है। वर्तमान समय की नारी अपने ऊपर थोपी हुई बेड़ियों एवं कड़ियों को तोड़ने में सक्षम हो चुकी है, बस जरूरत एक बार उन्हें उनकी अधिकारों को दिलाने की, जिन्हें समाज ने उन्हें भूलने पर मजबूर कर दिया था। हमे इस दिशा में बस कुछ और प्रयास करने की आवश्यकता है।

आज आपने क्या सीखा? (Essay on Women Empowerment in Hindi)

हम आशा करते हैं कि हमारा आज का लेख Essay on Women Empowerment in Hindi | नारी सशक्तिकरण पर निबंध आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

हमारा आज का लेख नारी सशक्तिकरण पर निबंध (NARI SASHAKTIKARAN ESSAY IN HINDI) class 5th to 12th में पढ़ने वाले बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों के विशेष रुप से उपयोगी है।

यदि हमारी दी हुई जानकारी (नारी सशक्तिकरण पर निबंध | WOMEN EMPOWERMENT IN HINDI) से आपको लाभ हुआ हो तो आप हमारे इस लेख को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जरूर शेयर करें। धन्यवाद!

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