ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (1000+ words)| Essay on Global Warming in Hindi

नमस्कार दोस्तों, निबंध लेखन की इस कड़ी में हम आज ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध | Essay on Global Warming in Hindi लेकर आए हैं।

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हमारा आज का लेख ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (Global Warming essay) class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 में पढ़ने वाले बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है।

आज के आर्टिकल में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में Headings के साथ ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध कैसे लिखा जाए, Global Warming in Hindi, Meaning, Reason, Result and How to Stop Global Warming के बारे में बताएंगे।

आइए बिना देर किए हुए, ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध | Essay on Global Warming in Hindi लिखने की शुरुआत करते हैं।

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध | Essay on Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग प्रस्तावना | Essay on Global Warming in HindiIntroduction

ग्लोबल वार्मिंग हमारे देश के साथ साथ पूरे विश्व के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है। यह ना केवल मनुष्य के लिए बल्कि धरती पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी के लिए नुकसानदायक है। ग्लोबल वार्मिंग की लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रत्येक देश इन समस्या से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग का जिम्मेदार स्वयं मानव ही है। मनुष्य की गतिविधियों से पृथ्वी पर लगातार कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड इत्यादी ग्रीनहाउस गैस की बढ़ोतरी हो रही है।

Greenhouse gas की बढ़ोतरी के कारण पृथ्वी का तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ रहा है। पृथ्वी के गर्म होने की इस प्रक्रिया को ही हम ग्लोबल वर्मिंग (Global Warming) कहते हैं। इसे Climate Change के नाम से भी जाना जाता हैं।

भूमंडलीय ऊष्मीकरण या ग्‍लोबल वॉर्मिंग पर निबंध | What is the Global Warming in Hindi

Global का अर्थ है वैश्विक (विश्व स्तर पर) और Warm का अर्थ होता है गरम होना। अतः धरती के वातावरण में लगातार तापमान में वैश्विक स्तर पर होने वाली बढ़ोतरी को ही ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है।

ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी लगातार गर्म होती जा रही है। वर्तमान समय में पृथ्वी का औसत तापमान 15 डिग्री सेंटीग्रेड है जो कि पिछले 100 वर्षो में लगभग 0.8 डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ गया है, जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं और रेगिस्तान फैलते जा रहे हैं, कहीं असामान्य बारिश हो रही है तो कहीं सूखा पड़ रहा है, कहीं कहीं तो असमय ही ओले पड़ रहे हैं, तो कहीं अत्यधिक नमी हो रही है। अभी तो यह आपको ये मौसमी परिर्वतन सामान्य सी बात लग रही है लेकिन भविष्य में यह एक बड़ा खतरा लेकर सामने आएगी।

आपको बता दें, ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है, जिस पर समय रहते विचार करना अति आवश्यक है।

What is the Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग की परिभाषा | Definition of Global Warming in Hindi

जब वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैस की मात्रा बढ़ जाती है तो तापमान में बढ़ोतरी हो जाती है। तापमान में हुए इस बढ़ोतरी को ही ग्लोबल वार्मिंग कहा जाता है।

ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ | Meaning of Global Warming in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ अगर सरल शब्दों में समझा जाए तो पृथ्वी के तापमान में हुई असामान्य वृद्धि और इसके कारण मौसम में होने वाला असामान्य परिवर्तन है।

ग्लोबल वार्मिंग के कारण | Global warming causes in Hindi

ग्लोबल वार्मिंग के अनगिनत कारण हैं लेकिन causes of global warming in hindi मुख्य रूप से इन कारणों को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है –

  • प्राकृतिक कारण
  • मानव निर्मित कारण

ग्लोबल वार्मिंग का प्राकृतिक कारण | Natural Causes (Essay on Global Warming in Hindi)

ग्लोवल वार्मिंग के कारण पृथ्वी पर जलवायु परिवर्तन होता है। इस जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैसे हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव द्वारा ग्रीन हाउस गैसों के अत्यधिक उत्सर्जन से 21वीं शताब्दी में हमारे पृथ्वी का तापमान 3 डिग्री से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिसका  परिणाम बहुत घातक सिद्ध होगा।

ग्लेशियर पूरी तरह पिघल जायेंगे, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ जाएगा ,समुद्र के जलस्तर के बढ़ने से दुनिया के कई हिस्से जल में लीन हो जाएंगे।

ग्लोबल वार्मिंग का मानव निर्मित कारण | Man Made Causes (Essay on Global Warming in Hindi)

ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए ज़िम्मेदार कारकों में मानव निर्मित अनेक कारण शामिल हैं। जैसे –

  • वनों की अंधाधुंध कटाई करना
  • औधोगिकरण की तरफ अग्रसित होना
  • अत्यधिक प्रदूषण बढ़ना
  • जनसंख्या वृद्धि
  • नदियों की धाराओं के मार्ग को अवरुद्ध करना
  • शहरीकरण की तरफ भागना
  • ओजोन परत में नष्ट होना
  • रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग करना आदि।

ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव | Effects of Global warming in Hindi

  • ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव पिछले कुछ दशकों में स्पष्ट देखा जा सकता है – अमेरिका के भूगर्भीय सर्वेक्षणों ने बताया है कि मोंटाना ग्लेशियर राष्ट्रीय पार्क में पहले 150 ग्लेशियर हुआ करते थे लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव की वजह से अब इनकी संख्या सिर्फ 25 है।
  • ग्लोबल वार्मिंग की वजह से असामान्य रूप से जलवायु परिवर्तन हुए हैं। कहीं तापमान में अत्यधिक वृद्धि देखने को मिली तो कहीं गर्मी के मौसम में अत्यधिक बढोतरी। इतना ही नहीं कई जगहों पर बिन मौसम के बरसात देखने को मिला। ग्लोबल वार्मिंग से ओजोन परत नष्ट होती जा रही है जिससे भयंकर तूफान, बाढ़, सूखा, चक्रवात जैसे अनगिनत परिवर्तन जलवायु में देखने को मिला।
  • ग्लोबल वार्मिंग को अगर समय रहते बढने से नहीं रोका गया तो जितने भी ऐसे स्थान हैं जो बर्फीले हैं, वहां सारा बर्फ पिघल जाएगा और वह अपना अस्तित्व खो देंगे।
  • ग्लोबल वार्मिंग की वजह से रेगिस्तान का क्षेत्र बढ़ते जा रहा है जिससे पशु-पक्षियों की कई प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर हैं।
  • ग्लोबल वार्मिंग के अधिक बढने की वजह से कार्बन-डाइऑक्साइड गैस की बढ़ोतरी और आक्सीजन की मात्रा भी कम होती जा रही है जिससे अनेक तरह की बिमारियां जन्म ले रही हैं।

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के उपाय | Measures to stop global warming in Hindi

पर्यावरणवादियों और वैज्ञानिकों ने ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए कुछ बातों को विशेष ध्यान रखने को कहा है –

  • सीएफसी गैसों का ऊत्सर्जन को कम करना होगा और सीएफसी गैसों का ऊत्सर्जन को कम करने के लिए हमे फ्रिज़, एयर कंडीशनर और दूसरे कूलिंग मशीनों का इस्तेमाल कम करना होगा।
  • औद्योगिक क्षेत्र में चिमनियों से निकले वाला धुँआ काफ़ी हानिकारक हैं, यह वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड गर्मी बढ़ाता है। ऐसे में हम सभी कोइसके प्रदूषण को रोकने के उपाय करने होंगे।
  • CNG वाले वाहनों के प्रयोग पर जोर देना होगा। जिन वाहनों से प्रदूषण होता है उन पर सख्ती से रोक लगानी होगी तभी प्रदूषण को कम किया जा सकेगा।
  • जनसंख्या वृद्धि पर कड़ाई से नियंत्रण किया जाना चाहिए।
  • पेड़ों की कटाई पर विशेष रुप से रोक लगानी होगी और जंगलों के अधिक से अधिक संरक्षण पर ध्यान देना होगा।
  • तेल और कोयले के इस्तेमाल, परिवहन के साधनों और बिजली के सामानों के उपयोग को घटाने से ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

उपसंहार | Essay on Global Warming in Hindi Conclusion

ग्लोबल वार्मिंग मानव के द्वारा ही किए गए कार्यों का ही परिणाम है। कोई भी परिवर्तन अपने आप नहीं होता है जब तक कि कोई उससे छेड़छाड़ न करे। यदि ग्लोबल वार्मिंग को नहीं रोका गया तो भाविष्य में इसका भयंकर रूप हमें देखने को मिलेगा, जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। शायद पृथ्वी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाए।

इसलिए समय रहते हमे सामंजस्य, बुद्धि और एकता के साथ मिलकर इसके बारे में सोचना होगा। ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए हमे प्रयत्न ज़रूर करना होगा, प्रदुषण को जितना हो सके कम करना होगा। वृक्षारोपण के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना होगा जिससे कार्बन-डाइऑक्साइड की मात्रा कम हो सके और प्रदूषण को कम किया जा सके। ऐसा करके ही हम अपनी पृथ्वी को बचा सकते हैं।

Essay on Global Warming in Hindi – आज आपने क्या सीखा?

हम आशा करते हैं कि हमारा आज का लेख ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध | Essay on Global Warming in Hindi आपके लिए उपयोगी साबित होगा।

यदि आप हमारी पृथ्वी को बचाना चाहते हैं तो हमारे इस ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध को अपने सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर जरूर शेयर करें। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जागरूक हो सकें। धन्यवाद!

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