बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi

नमस्कार दोस्तों, निबंध लेखन की इस कड़ी में आज हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi लेकर आए हैं।

अगर आप हिंदी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध कैसे लिखा जाए के लिए किसी अच्छे आर्टिकल की तलाश कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह हैं।

आज के आर्टिकल में हम आपको बिल्कुल सरल भाषा में Headings के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध लिखना सिखाएंगे।

आइए बिना देर किए हुए, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध लिखने की शुरुआत करते हैं।

Table of Contents

Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi | beti bachao beti padhao essay in Hindi

व्यक्तियों के समूह को समाज की संज्ञा दी जाती है। पुरुष एवं नारी इसके दो प्रमुख अंग हैं। दोनों के लिए समान अधिकारों एवं सहयोग के बिना समाज रूपी गाड़ी, बिना रुकावट उन्नति के पथ पर अग्रसर नहीं हो सकती। दोनों में से यदि एक भी निर्बल है, तो समाज की उन्नति सुचारु रूप से नहीं हो सकती। यही कारण है कि प्रत्येक समाज में जितना पुरुष का महत्व है उतना नारी का भी विशेष स्थान रहता है।

एक समय था जब भारतीय समाज में नारी का स्थान बड़ा आदरणीय था। हमारे प्राचीन शास्त्रों में नारी ‘गृह-लक्ष्मी’ तथा ‘गृह-स्वामिनी’ के नाम से सम्मानित की गई है। यह कहावत भी है कि ‘बिना गृहिणी गृह भूत का डेरा’ अर्थात् नारी ही घर की शोभा है। समाज के प्रत्येक कार्य में उसका समान अधिकार था। पुरुष के समान ही सभा, उत्सव और अन्य कामों को स्त्री के बिना अपूर्ण ही माना जाता था। उस समय नारी सच्चे अर्थों में पुरुष की अर्धांगिनी थी। कोई भी कार्य उसकी सम्मति के बिना नहीं होता था।

परंतु आज लोगों की सोच इस कदर बदल गई है कि आए दिन देश में कन्या भ्रूण हत्या और महिला शोषण जैसे मामले देखने को मिलते रहते हैं। नारियों को पुरुषों से कमतर आंका जाता है। समय के साथ समाज में नारियों की स्थिती बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में भारत जैसे पुरातन संस्कृति और अच्छे विचारों वाले देश को नारियों की स्थिती में बदलाव लाने, बेटियों को बचाने के लिए और उनको पढ़ाने के लिए एक अलग मुहिम चलानी पड़ी। इस मुहिम को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाम दिया गया।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत कब हुई?

बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ योजना का अर्थ “कन्या शिशु को बचाओ और इन्हें शिक्षित करो” से है।

22 जनवरी 2015 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की गई।

इस योजना के शुभारम्भ हरियाणा में किया गया, पूरे देश में हरियाणा को चुने जाने के पीछे प्रमूख कारण हरियाणा का लिंगानुपात है। हरियाणा का लिंगानुपात 1000 लड़कों पर मात्र 775 लड़कियों का था।

यह हाल सिर्फ हरियाणा का नहीं है, पूरे भारत में लिंगानुपात में भारी गिरावट देखने को मिली है। लड़कियों की इस प्रकार की कमी को देखते हुए सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शुरू करने की आवश्यकता महसूस की, जिसका मुख्य उद्देश्य लड़कियों को पढ़ाना और उन्हें बचाने से है।

beti bachao beti padhao in hindi essay

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है? | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध – 200 words

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत लगातार देश में हो रहे कन्या शिशु दर में गिरावट को रोकने और उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए किया गया था। यह एक बहुत ही गंभीर विषय है, जिस पर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में शायद बेटियां ढूंढने पर नहीं मिलेंगी। स्त्री और पुरुष दोनों जीवन के दो पहलू है, दोनों को एक साथ चलेंगे तभी जीवन का मार्ग सरलतापूर्वक निकलेगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की आवश्यकता

वर्तमान समय में देश का प्रत्येक दंपति केवल लड़का पाने की इच्छा रखता है, जिसका परिणाम देश में लिंगानुपात में भारी गिरावट आई। उसी गिरावट को समानुपात लाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना या अभियान की शुरुआत करनी पड़ी।

साल 2001 की जनगणना में भारत में 0.6 वर्ष के बच्चों का लिंगानुपात का आँकड़ा देखा गया, जहां 1000 लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या 927 थी। जबकि वहीं साल 2011 में हुई जनगणना में यह संख्या घटकर 1000 लड़कों के अनुपात में 918 लड़कियाँ हो गई जो कि एक गंभीर चिंता का विषय था।

लिंगानुपात में इस तरह के भारी गिरावट को देखते हुए कन्या शिशु को बचाने के लिए सरकार द्वारा सख्ती से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का शुभारम्भ किया गया।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य | beti bachao beti padhao in hindi essay

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज में लिंगानुपात असंतुलन को नियंत्रित करना है।
  • Beti Bachao Beti Padhao अभियान के द्वारा सरकार समाज में लड़कियों को समान अधिकार दिलाने का प्रयास की है।
  • इस अभियान का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और उनकी भागीदारी में वृद्धि को सुनिश्चित करना।
  • इस अभियान का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध आवाज उठाना और लिंग आधारित भ्रूणहत्या की रोकथाम करने से है।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान घर की बहु-बेटियों पर होने वाले अत्याचार के विरुद्ध एक युद्ध है।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सामाजिक व्यवस्था में बेटियों के प्रति लोगों की रूढ़िवादी मानसिकता में परिर्वतन लाना।
  • इस अभियान का उद्देश्य समाज में बालिकाओं की शिक्षा स्तर को आगे बढ़ाना है। घर-घर में बालिकाओं की शिक्षा को सुनिश्चित करना होगा।
  • भेदभाव पूर्ण होने वाली लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्मूलन करते हुए बेटियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना होगा।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Beti Bachao Beti Padhao FAQ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ क्या रूढ़िवादी मानसिकता को खत्म कर देगा?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आभियान लोगों की रूढ़िवादी मानसिकता को खत्म करने के साथ, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लड़कियों को पढ़ाने के लिए लोगों में सामाजिक जागृति पैदा करने का काम करती है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के दो मुख्य उद्देश्य क्या है?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के दो मुख्य उद्देश्य –
देश में महिलाओं की स्थिति में सुधार लाते हुए महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
बालिका लिंग अनुपात में होने वाली गिरावट को रोकना है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कहाँ से शुरू हुआ?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को पानीपत, हरियाणा में से शुरु किया गया था। इसे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में लिंगानुपात में गिरावट की समस्या को रोकना है।

राजस्थान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कब हुई?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा किया गया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से क्या आशय है लिखिए?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से आशय कन्या शिशु को बचाने और इन्हें शिक्षित करने से है। भारतीय सरकार के द्वारा बच्चों में लिंगानुपात में गिरावट की समस्या को रोकना और महिला कल्याण में सुधार करने के लिए शुरू किया गया था।

Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निष्कर्ष

“रूढ़िवादी विचारो को भूलाओ,

बेटियों को अपनाओ, बेटी पढाओ।”

सिर्फ सरकार के प्रयास करने से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना सफल नहीं होगी। भारत के प्रत्येक नागरिक को कन्या शिशु को बचाने और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का प्रयास करना होगा। बालिकाओं को भी लड़कों के समान अधिकार प्रदान करना होगा। सभी कार्यक्षेत्रों में लड़कियों को लड़कों के समान ही अधिकार देना होगा तभी असल मायने में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना सफल होगी।

हर लडाई जीतकर दिखाऊंगी,

मैं अग्नि में जल कर भी जी जाऊंगी,

चंद लोगों की पुकार सुन ली,

मेरी पुकार न सुनी,

मैं बोझ नहीं भविष्य हूं,

बेटा नहीं पर बेटी हूं।

आज आपने क्या सीखा? (Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi)

हमारा आज का आर्टिकल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi से संबंधित है।

जहां हमने beti bachao beti padhao essay in Hindi, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत कब हुई?, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है?, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की आवश्यकता क्यों है?, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है? आदि के बारे में जानकारी दी है।

हमें उम्मीद है कि हमारा आज का आर्टिकल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Essay on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi आपके लिए उपयोगी साबित होगा। यदि हमारे आर्टिकल से आपको लाभ हुआ हो तो इसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करें। धन्यवाद!

यह भी पढ़े

Leave a Comment